हर सांस में हो सुमिरन तेरा ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हर सांस में हो सुमिरन तेरा, ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा।

तेरी सेवा करते करते बीते हर पल मेरा।

हर सांस......

नाम तेरे को सदा दिल में वसाऊं।आठों पहर प्रभु तेरे गुण गाऊं।

नाम तेरा हो सच्चा धन मेरा। ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा।

हर सांस में.....

इच्छाएं जग की न मुझको सताएं, चिंताएं घर की न नजदीक आएं।

तेरे चरणों में लगा रहे मन मेरा ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा।

हर सांस में....

याद तेरी में तेरा दास खो जाए, मैं न रहूं तु ही तु हो जाए।

सुफल हो जाए नर तन मेरा। ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा।

हर सांस में....

तेरी सेवा करते करते बीते हर पल मेरा।

हर सांस में हो सुमिरन तेरा ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।