मेरे प्राणों के आधार हे परमेश्वर

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मेरे प्राणों के आधार हे परमेश्वर

मेरे जीवन के सुख सार हे जगदीश्वर

दूर मन से तेरी दुनियां की माया हो

मोह ममता में उलझे ना ऐ मन मेरा

तेरी करूणा कृपा की छाया हो

तन है नश्वर जगत हे विधाता पिता

राह प्रतिपल दिखाना हे परमात्मा

मन है व्याकुल कहीं सांस रुक जाए ना

तुम ही रक्षक हो पालक मेरे देवता

मोह ममता में उलझे ना ऐ मन मेरा

मेरे प्राणों के आधार हे परमेश्वर

मेरे जीवन के सुख सार हे जगदीश्वर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।