राधे-राधे सब वेदों का सार है

- सुरेश चन्द्र सिंगला, पलवल हरियाणा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- काली कमली वाला मेरा यार है

राधे-राधे, सब वेदों का, सार है,

राधे-राधे, जपले, फिर उद्धार है...हो... ॥

तेरा उद्धार है... तेरा उद्धार है ॥

राधे-राधे, सब वेदों का...

राधे, नाम की, महिमा भारी,

जिसको, जपते, कृष्ण मुरारी ।

राधे-राधे, जपता, ये संसार है ॥

राधे-राधे, जपले, फिर उद्धार है...आ...

राधे-राधे, सब वेदों का...

राधे, नाम है, सबसे प्यारा,

जिसने, इसका, लिया सहारा ॥

राधे, जी भर देती, उसका भन्डार है ॥

राधे राधे, जपले, फिर उद्धार है...आ...

राधे-राधे, सब वेदों का...

राधे-राधे, जपले प्राणी,

जपते, ऋषि, मुनि और ज्ञानी ॥

राधे-राधे, जीवन का, आधार है ॥

राधे राधे, जपले, फिर उद्धार है...आ...

राधे-राधे, सब वेदों का...

सिंगला, राधे, राधे बोले,

मुख में, अमृत, रस ये घोले ॥

राधे-राधे, अमृत, रस की धार है ॥

राधे राधे, जपले फिर, उद्धार है...आ...

राधे-राधे, सब वेदों का...

बोलो, राधा रानी, सरकार की... जय ।

लेखक:- सुरेश चन्द्र सिंगला, पलवल हरियाणा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।