बिन पिए नशा हो जाता है जो राधे राधे गाता है - पूनम दीदी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बिन पिए नशा हो जाता है,

जो राधे राधे गाता है ॥

जिसके, अंदर, मन-भाव बढ़ा ।

वही, ऊँची अटारी की, सीढ़ी चढ़ा ॥

उसे, गोपी बना, लिया जाता है...राधे x8 ॥

जो, राधे राधे, गाता है ।

बिन पिए, नशा...

मेरा, बरसाना, रंगीला है ॥

सब, राधा, नाम की, लीला है ॥

भगवान भी, चरण, दबाता है...राधे x8 ॥

जो, राधे राधे, गाता है ।

बिन पिए, नशा...

दुनियाँ के, जिस ने, ताहने सहे ।

अख्खियों से, प्रेम के, आंसू बहे ॥

उस, को जीना, आ जाता है...राधे x8 ॥

जो, राधे राधे, गाता है ।

बिन पिए, नशा...

रस, पीने का तूँ, इरादा तो कर ।

मेरे, बाँके बिहारी से, वादा तो कर ॥

वो ख़ुद ही, पिलाने, आता है...राधे x8 ॥

जो, राधे राधे, गाता है ।

बिन पिए, नशा...

हरि दासी, करे जो, मनमानी ।

गोपाली, कहे जो, न मानी ॥

वोह, अंत समय, पछताता है...राधे x8 ॥

जो, राधा नाम, नहीं गाता है ।

बिन पिए, नशा...

पिए, संत रसिक, ब्रज वासी भी ।

गोपाली, पूनम, हरि दासी भी ॥

वोह, रस का, पागल हो जाता है...राधे x8 ॥

जो, राधे राधे, गाता है ।

जो, राधे राधे, गाता है ॥

उस, को जीना, आ जाता है,

ना, मरने से, घबराता है ।

बिन पिए, नशा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।