थे म्हारा सरकार, म्हारा खाटू वाला श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चांद चढयो गीगनार ***

थे म्हारा सरकार, म्हारा खाटू वाला श्याम

म्हें तो बैठा पलकां बिछाय धणीजी कद आओला जी आओला

जद आओला म्हार आंगन दिवलो ज्योत

जगाऊं जी

ईतर केशर सुं आंगणीयो छिडक छिडक महकाऊंजी

फुला री बौछार करस्युं-2 स्वागत मं सरकार

म्हें तो बैठ्या पलकां बिछाय

धणी जी कद आओला जी आओला

थे म्हारा-------

जद आओला म्हार आंगण,चंदन चौक पुराऊं जी

गंगाजल सुं धणीया थारा,पावन चरण पखारूं जी

भग्तां न बुलवाय गाऊं-2गाऊं मंगलाचार

म्हें तो बैठ्या पलकां बिछाय, धणीजी कद आओला जी आओला

थे म्हारा-------

चौकी पर आसन लगवाऊं,हिलमिल बातां करस्यां जी

म्हारी सारी मनड़ री बातां, थान बैठ सुणास्यां जी

शीबू रह्यो रिझाय धणीजी-2 उषा कर मनुहार ,म्हें तो बैठ्या पलकां बिछाय

धणीजी कद आओला जी आओला

थे म्हारा--------

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।