श्याम-श्याम रट मन बावरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम-श्याम रट मन बावरा-2

श्याम बाबा तो, कलयुग अवतार,

वो भव से तारसी रे-2

तर्ज: पीयू-पीयू बोले पिया मोरनी...

खाटू नगरी चलो पग तांवला-2

खाटू से ही चाले म्हारे, श्याम री सरकार,

वो भव से तारसी रे-2

श्याम दर्श करो आख्या रे-2

श्याम सलोनो प्यारो, लखदातार,

वो भव से तारसी रे-2

श्याम भजन कर जीभड़ी-2

भजना से राजी होवे, लीला को सवार,

वो भव से तारसी रे-2

चरणा की रज धर माथा पे,

श्याम चरण रज, महिमा अपार,

वो भव से तारसी रे-2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।