आरती जगमग जगमग चमके

पारंपरिक
हनुमान जी आरती हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आरती जगमग जगमग चमके,

बालाजी महाराज की,सालासर दरबार की,

आरती जगमग जगमग चमकें,

बालाजी महाराज की.....

चैत सुदी पूनम को जन्मे,

अंजनी आज खुशी है मन में,

शोभा बनी है देखो, अंजनी के लाल की,

आरती जगमग जगमग चमकें,

बालाजी महाराज की......

मस्तक मुकुट हीरो का सोहे,

कानों में कुंडल अति मन मोहे,

झांकी सजी है देखो पवन कुमार की,

आरती जगमग जगमग चमकें,

बालाजी महाराज की....

भक्तों के दुख हरने ताहि,

अंजनी लाड लडायो मन माही,

महिमा बनी है देखो बाला जी सरकार की,

आरती जगमग जगमग चमकें,

बालाजी महाराज की.....

जो कोई बालाजी की आरती गावे,

उसका बेड़ा बाबो पार लगावे,

आरती उतारो सब मिल सालासर दरबार की,

आरती जगमग जगमग चमकें,

बालाजी महाराज की........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।