जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

-------------भजन के बोल-------------------

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

देवकी माता जग के दाता……….2

कर ले मेरी सुनाई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

1 ) खुली हतकडी पैरो बेड़ी , माया श्याम फैलाई……..2

द्वार खुले जो पहरेदार थे , नींद सभी आई……….2

वासुदेव ले चले कुँवर को …………..2

मन में खुशी मनाई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

2 ) बादल गरजे बिजली चमके , बारिश मूसलधार पड़े……..2

वासुदेव जी सोचे मन में , क्यू कर जमना बीच बड़े……….2

हे ईश्वर तेरी लीला न्यारी…………2

तुम सच्चे रघुराई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

3 ) त्रिलोकी का ध्यान लगाकर , जल के भीतर आन बड़ा………2

जमना माई चढ़के ध्याई , राजा सोचे खड़ा खड़ा………..2

कृष्ण माया पैर फैलाया…………..2

चरण छू नीचे आई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

4 ) नंद महल में जाकर देखा , सोवे थी नंद रानी…………2

लड़का देके लड़की लेली , भयो नैन बीच पानी………….2

दुखड़ा भरता हे सब करता……….2

फिर मथुरा दई दिखाई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

5 ) काराग्रह के बीच गए जब , भोर भये पक्षी जागे…………2

रोने की आवाज़ सुनी तो , पहरेदार उठ कर भागे……….2

कंस अन्याई दया ना आई…………2

लड़की तुरत मगाई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

6 ) कीर्तन मण्डल तेरे सहारे , वाणी होती सुनी मने……….2

मारण वाला पैदा हो गया , गोकुल में नंदलाल तने………….2

नाम बिहारी कर त्यारी………..2

अब क्यू देर लगाई

जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई………2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।