कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

-------------भजन के बोल-------------------

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

बरसाने वाली गोरी हमारी राधा गोरी…………2

नंद को कन्हिया वृषभान की किशोरी……….2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

1 ) कान्हा जी की बन्सी करे दिल घायल………2

मस्ती बिखेरे बजा के राधा पायल…………..2

मोहन प्यारे रसिया , राधा गन्ने की पोरी………2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

2 ) ग्यालो को संग लेके आये हैं बिहारी……..2

गोपियों के बीच सुहाए राधा प्यारी………..2

चंदा मेरो कान्हा और राधा है चकोरी…………2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

3 ) यमुना किनारे कभी रास रचावे……….2

खेलन को प्यारी संग बरसाने आवे………….2

छलिया है कन्हिया और लाडली जी भोरी……….2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

4 ) राधा जी है मिश्री और माखन मुरारी………2

श्यामा जी है हाथ और कंगन गिरधारी…………2

भूलन त्यागी बृज में मचावे दोनों होरी…………….2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

बरसाने वाली गोरी हमारी राधा गोरी…………2

नंद को कन्हिया वृषभान की किशोरी……….2

कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी…………..2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।