फूलों से सजा दो गोकुल को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फूलों से सजा दो गोकुल को

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फूलों से, सजा दो, गोकुल को,

मेरा, लल्ला, आने वाला है ll

मेरा, लल्ला, आने वाला है*,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

^

कोई, काज़ल, की डिबिया, ले आओ,

कोई, काला, धागा ले आओ ll

कहीं, नजर ना, लग जाए, कान्हा को,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

^

कोई, सोने का, पालना, ले आओ,

कोई, मखमल की, चादर, ले आओ ll

कोई, झूला, लगा दो, आंगन में,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

^

कोई, चांदी का, लोटा, ले आओ,

कोई, सोने की, थाली, ले आओ ll

ज़रा, चरण, धुला दो, लल्‍ला के,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

^

कोई, माखन, मिश्री, ले आओ,

कोई, लड्डू, पेड़े, ले आओ ll

ज़रा, भोग, लगा दो, लल्‍ला को,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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कोई, ढोल, नगाड़े, बजाओ रे,

कोई, मंगल, गाने, गाओ रे ll

कोई, कान्हा की, जय जयकार करो,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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कोई, नंद, महल को, सजायो रे,

कोई, घी के, दीए, जलायो रे ll

सब, मिल के, खुशियाँ, मनाओ रे,

मेरा, लल्ला, आने वाला है l

फूलों से, सजा दो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।