युगल सरकार हैं सिर पर,तसल्ली दिल में रहती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

युगल सरकार हैं सिर पर,तसल्ली दिल में

रहती है

किसी की नाव पानी में,मेरी रेत्ती में चलती

है

युगल सरकार...

1.सदा‌से पल रहा हुं मैं,उन्हीं की छत्र छाया

में

मुसिबत की घड़ी उनकी,कृपा से युंहीं

चलती‌ है

किसी की नाव पानी में,मेरी रेत्ती में चलती

है

युगल....

2.दिया करता हुं जब-जब छैड़,मैं इस दिल के

तारों को

सदा राधे श्याम सुंदर की,मधुर धुवनीं ही

निकलती है

किसी की नाव पानी में,मेरी रेत्ती में चलती

है युगल....

3.नाम रस बिन्दूं में डुबा,रहुं दिन रात अब

युहीं

मिली है ऐसी दोलत जो,बड़ी मुश्किल से

मिलती है

किसी की नाव पानी में,मेरी रेत्ती‌ में चलती

है

युगल....

4.गले से श्याम सुंदर जी,मुझे निश्चित

लगायेंगें

ह्रदय में दास के आशा,यही दिन रात पलती

है

किसी की नाव पानी में, मेरी रेत्ती में चलती

है

युगल सरकार हैं सिर पर,तसल्ली दिल में

रहती है

किसी की नाव पानी में,मेरी रेत्ती में चलती

है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।