लागी, तुम संग, यारी, मेरे, बांके बिहारी ll

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लागी तुम संग यारी

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लागी, तुम संग, यारी, मेरे, बांके बिहारी ll

बांके, बिहारी मेरे*, कुंज बिहारी ll

लागीं, तुम संग, यारी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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कटी में, पीताम्बर, गले में है, माला l

मुकुट, को धारण, किए है गोपाला ll

घूंघराली, लट, कारी कारी ll,

मेरे, बांके बिहारी,,,

लागीं, तुम संग, यारी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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साँवरी, सूरत के, दर्शन तुम्हारे l

मुरली, मनोहर, जबसे निहारे ll

बन बैठे, तेरे, पुजारी ll,

मेरे, बांके बिहारी,,,

लागीं, तुम संग, यारी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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निधि, वन में नित, रास रचावे l

सब, सखियाँ मिल, गीत सुनावे ll

नाचे, है बारी बारी ll,

मेरे, बांके बिहारी,,,

लागीं, तुम संग, यारी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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श्री, हरिदास के, प्यारे हो तुम l

मेरी, भी आँखों के, तारे हो तुम ll

चरण, कमल, बलिहारी ll,

मेरे, बांके बिहारी,,,

लागीं, तुम संग, यारी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।