ओ मेरे लाल कन्हैया

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे लाल कन्हैया

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ओ मेरे, लाल कन्हैया,

मदन, गोपाल कन्हैया ll

आज है, जनम तेरा ll,

हैप्पी, बर्थडे टू यू xll-ll

आज, ब्रह्मा नाचे, आज, विष्णु नाचे l

काले, नागों वाले, भोले, बाबा नाचे ll

^नारद, वीन बजाए, देवता, फुल बरसाए l

आज है, जनम तेरा ll,

हैप्पी, बर्थडे टू यू xll-ll

मथुरा, गूंज उठी, तेरी झनकार से l

गोकुल, नाच रहा, तेरे दीदार से ll

^ग्वाले, ढोल बजाए, सखियां मंगल गाए l

आज है, जनम तेरा ll,

हैप्पी, बर्थडे टू यू xll-ll

नन्द, रानी नाचे, नन्द, बाबा नाचे l

सारी, सखियाँ नाचे, सारे ग्वाले नाचे ll

^हम सब, नाचे गाएं, बधाई, देने आएं l

आज है, जनम तेरा ll,

हैप्पी, बर्थडे टू यू xll-ll

हम भी अगर, कान्हाँ होते ll,

तो नाम, हमारा होता, मदन गोपाल,

खाने, को मिलते, लड्डू,,

हैप्पी, बर्थडे टू यू xll-ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।