चोरी चोरी माखन खाई गयो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चोरी चोरी माखन खाई गयो रे

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धुन- पिंजरे वाली मुनिया

चोरी, चोरी माखन, खाई गयो रे,

यशोदा के ललनवा ll

मां यशोदा के ललनवा, यशोदा के ललनवा ll

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा कि, नाम तेरा क्या है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा कि, नाम तेरा क्या है l

माधव, नाम, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा कि, गाँव तेरा क्या है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा कि, गाँव तेरा क्या है l

गोकुल, गाँव, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा कि, खाना तेरा क्या है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा कि, खाना तेरा क्या है l

माखन, मिश्री, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा कि, काम तेरा क्या है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा कि, काम तेरा क्या है l

माखन, चोरी, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा माँ, बाप तेरे कौन है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा माँ, बाप तेरे कौन है l

नंद, यशोदा, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैंने, उसे पूछा कि, प्यारी तेरी कौन है,

मैंने, उसे पूछा,,, ( होए, होए, होए, होए,,, )

मैंने, उसे पूछा कि, प्यारी तेरी कौन है l

राधा, रानी जी, बताई गयो रे, यशोदा के ललनवा l

चोरी, चोरी माखन,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।