मुझे होठों से लगा लो मेरे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे होठों से लगा लो मेरे श्याम

=======================

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया ll

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया, बनूं मैं, तेरी बांसुरिया l

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया l

मेरा, जीवन, संवारो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया।

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,

इक्क इक्क, स्वर तेरे, होठों पे सजाऊंगी l

हाथों में, आ के मैं, धन्य हो जाऊंगी ll

मुझे, हाथों में, उठा लो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया l

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,F

राधा का, श्याम है तूँ, मीरा का श्याम है l

मुझे, तेरी चरणों की, धूल से ही काम है ll

मुझे, चरणों से, लगा लो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया l

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,F

तेरे, हाथों में, थिरकती ही जाऊंगी l

जब तक, बजायोगे मैं, बजती ही जाऊंगी* ll

मुझे, सुरों से, बजा लो मेरे श्याम,

बनूं मैं, तेरी बांसुरिया l

मुझे, होठों से, लगा लो मेरे श्याम,,,,,,,,,,,,,,,,F

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।