तू सोच ना पाएगा ऐसा ये खेल रचाएगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़ : क़िस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार )

तू सोच ना पायेगा ,ऐसा ये खेल रचायेगा

चिंता तेरे जीवन की ..२

श्याम मिटायेगा...

इनके भरोसे जब हो जाएगा ,संग मे हरपल इनको पायेगा

गफ़लत मे खोया रह जाएगा ,काम तेरा अटका बन जाएगा

रहमत की किरपा तुझपे ..२

ये बरसायेगा...

सेवा इनकी जब भी बजाएगा,उलझन तेरी ये सुलझायेगा

प्रेम भाव से भजन सुनाएगा ,अपने मन को हल्का पाएगा

बाहो मे भर कर तुझको ..२

गले लगायेगा...

हर परिणाम को तू जो स्वीकारे ,बाबा की मर्ज़ी है ये मानें

बेहतर तेरा मलिक सोच रहा,ऐसा अपने दिल को समझाले

"मोहित"बातों पे अमल हो ..२

तू सुख पायेगा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।