दिल मेरा ले गया साँवरिया, ओढ़ के काली कामलिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया….

ये मीरा तुझे पुकारे रो रो के नीर बहाए,

महल में आजा सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया,

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया….

ये द्रोपदी तुझे पुकारे रो रो के नीर बहाए,

आके चिर बढ़ाजा सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया,

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया…..

ये शबरी तुझे पुकारे रो रो के नीर बहाए,

आके बेर तो खा सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया,

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया….

ये अर्जुन तुझे पुकारे रो रो के नीर बहाए,

गीता ज्ञान सुना जा सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया,

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया….

ये नरसी तुझे पुकारे रो रो के नीर बहाए,

आके भात भरा जा सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया,

दिल मेरा ले गया सांवरिया,

ओढ़ के काली कामलिया….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।