अवतार लियो नंदलाल, नंद भवन बधाई बाज रही

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अवतार लियो नंदलाल

धुन : सुनो सुनो सुनावे नंदलाल (रसिया)

पद : गोलोक के कृष्ण कन्हैया, ठाकुर रास बिहारी मथुरा में हो प्रकट पहुंचियो, गोकुल लीलाधारी नंदभवन में बजी बधाई, भीड़ भरी है भारी जगवंदन यशुनंदन पे, दीन "मधुप" बलिहारी

अवतार लियो नंदलाल, नंद भवन बधाई बाज रही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।