झूले बैठो जी सरकार म्हारी इतनी सी मनुहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज: कैया बैठा हो चुपचाप

बाबा आओ जी इक बार

झूले बैठो जी सरकार

म्हारी इतनी सी मनुहार

झूलो झुलावा थाने सांवरा

रुत सावन की देखो अब आई हैं

काली काली घटाएं भी छाई हैं

मत ना कीजो और विचार

बेगा बैठो लखदातार

थासु विनती बारंबार

झूलो झुलावा थाने सांवरा

सब भक्ता मिल झूलो सजायो हैं

प्रेम अशुवन से खूब रंगायो हैं

कस के पकड़ो जी सरकार

झोटा दयान्गा जोरदार

दो चार ना कई हजार

झूलो झुलावा थाने सांवरा

बूंदे बारिश की होले होले आ रही

मीठी मीठी सी तान सुना रही

' पुष्प ' मंगल गान करे

सेवक सेवा खूब करे

' राजभारती ' नमन करे

झूलो झुलावा थाने सांवरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।