जबसे लग्न लगी है तुम्हारी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : तेरे नाम का सुमीरन

जबसे लगन लगी है तुम्हारी

दर आना चाहूँ में बारी बारी ] 2

तेरी महिमा बालाजी न्यारी,दर आते नर और नारी 2

जबसे...

जब-जब भी दुखो ने घेरा, मेने नाम जपा है तेरा 2

एक तेरे सिवा ना कौई, इस दुनिया मे बाबा मेरा 2

तू देव बडा गुनकारी,दर शीश झुकाए दुनिया सारी

तेरी महिमा बालाजी न्यारी...

जबसे...

जग वालो ने मुख है फेरा,छाया घनघोर अन्धेरा 2

बौलौ बाबा कुछ बौलौ,अब कहाँ लगाऊं में डेरा 2

तू "देव" बडा हितकारी,नही तुमसा कौई बलकारी

तेरी महिमा बालाजी न्यारी...

जबसे...

जो मुझसे नही हो पाता, बाबा तुम ही हो करते 2

जब भी गिरा है संजय,तुम झट से हाथ पकडते 2

तू देव बडा न्यायकारी, नही तुमसा कौई ब्रह्मचारी

तेरी महिमा बालाजी न्यारी...

जबसे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।