जय हो सालासर धाम की

पारंपरिक
हनुमान जी कथा हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय जय सदा होती हैं

वहाँ तेरे नाम की

बड़ी चर्चा सुनी है मैंने

सालासर धाम की

सच्चा है दरबार

इस जैसा और नहीं कोई

सुख जहाँ अपार मिले

सो सभी को होई

भक्ति भाव से होती है

कथा जहाँ राम की

जय जय सदा होती हैं

वहाँ तेरे नाम की

बड़ी चर्चा सुनी है मैंने

सालासर धाम की

लगी है लगन राजीव को

सुबह शाम की

सीढ़ियां जाके छुए

वह भी धाम की

जय जय सदा होती हैं

वहाँ तेरे नाम की

बड़ी चर्चा सुनी है मैंने

सालासर धाम की

जय बोलो बजरंग बली की

जय जय हनुमान की

बोलो सब जय जय

सिया राम की

जय जय सियाराम की

जय जय हनुमान की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।