तेरे मोटे मोटे नैन कजरारे में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे मोटे मोटे नैन कजरारे में,

जाऊं तो पे बलिहारी.......

तुझ बिन जीना भी क्या जीना,

तू है मेरे दिल का नगीना,

तूने कर दिया मुश्किल जीना,

में जाऊ......

मुझको पिला दे मस्ती का प्याला,

खोल दे नैनों की मधुशाला,

काली कमली ने ऐसा जादू डाला,

में जाऊ......

अब तो सुना दे मधुर मुरलिया,

तेरी लगन में हुई बावरिया,

तेरे दर्शन बांके बिहारी,

मैं जाऊं.…...

इतना करम पागल पर कर दे,

अपने यस का दामन भर दे,

बरस गाने राह दिखाई,

मैं जाऊं.....

तेरे मोटे मोटे नैन कजरारे में,

जाऊं तुझे बलिहारी........

पं पीयुष कौशिक जी तासौड आगरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।