॥ पावन पाठ ॥
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
चरण की धुल ले लूँ मैं
मेरे भगवन आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
चरण की धुल ले लूँ मैं
मेरे भगवन आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं