साईं तेरी शिरडी में छोटा सा घर हो मेरा

पारंपरिक
अन्य आरती साईं भजन aarti
॥ पावन पाठ ॥

अर्ज़ी करो मंज़ूर ये साईं

दास पुकारे तेरा

साईं तेरी शिरडी में

छूटा सा घर हो मेरा

सुबह सवेरे उठ कर बाबा

तेरे मंदिर आऊँगा

मुख दर्शन के पास बैठकर

आरती तेरी गाऊँगा

दिन शुरू होने से पहले

साईं दर्श हो तेरा

द्वारकामाई में बैठ के साईं

तेरा नाम जपूँगा मैं

तेरी चावड़ी के भी दर्शन

हर एक दिन करूँगा मैं

तेरे सैंग बिताना चाहु

सारा जीवन मेरा

दिल मेरा ये साईं बाबा

इन गलियों में खो जाए

जब भी खिड़की खोलू साईं

दर्शन तेरा होजाए

विनती कर कर हार गया हू

पार लगा दो बेड़ा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।