राधा राधा नाम हमको प्राणों से प्यारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा राधा नाम, हमको प्राणो से प्यारा -2

मेरे जीने का सहारा है

राधा राधा नाम,

राधा राधा नाम, हमको प्राणो से प्यारा है

राधा राधा नाम

राधा राधा गाऊं तो, मेरे मन के मन्दिर में,

पायल छनकाती है

गेहबरवन की गूंजे ,बरसाने की गलियां,

सपनो में आती है

ब्रजमण्डल की रज में-2

मुझको मिल जाना द्वारा है

राधा राधा नाम, हमको प्राणो से प्यारा है,

मेरे जीने का सहारा है, राधा राधा नाम

कीर्तन ही तपस्या है, कीर्तन ही समाधि है, न पूजा और कोई

तनमन से मै उनकी, और श्रीजी है मेरी,

ना दूजा और कोई

मेरा तो बिन उनके-2

इक पलभी न गुजारा है

राधा राधा नाम हम को प्राणे से प्यारा है,

मेरे जीने का सहारा है, राधा राधा नाम

ये नाम नही भईया, ये स्वयं किशोरी है,

जिसमें कोई भेद नही

हरिदासी तो पगली है, तुम मानो न मानो,

कहते सब वेद है

जरा आंख मूंद कर देख-2

तुझको छुएगा मुरली बाला है

राधा राधा नाम ,हमको प्राणो से प्यारा है,

मेरे जीने का सहारा है, राधा राधा नाम

जब तक है घटने में प्राण, मैं गाती रहूंगी,

आंखों में आंसू लिए

इक दिन वो आएगी, निश्चय ही निभाने को,

वादे जो मुझसे किए

मुझको तो भरोसा है-2

तूने लाखो को तारा है

राधा राधा नाम, हम को प्राणी से प्यारा है

मेरे जीने का सहारा है, राधा राधा नाम

नाम परम आधार, कर देता भव से पार, मिलाए शाम से

दिन रात रटो राधा, मिट जाए सब बाधा

राखो रिश्ता नाम से

फिर बहकर रस की धार-2

देखो मिलता नजारा है

राधा राधा नाम हमको, प्राणी से प्यारा है

मेरे जीने का सहारा है राधा राधा नाम

राधा राधा नाम हमको, प्राणों से प्यारा है,

राधा राधा नाम

मेरे जीन का सहारा है, राधा राधा नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।