माये नी मेरा दि‌ल करदा,मैं वृन्दावन जावां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माये नीं मेरा दिल करदा,मैं वृन्दावन जावां

माये नीं....

हार श्रृगांर माये चंगे नईयों लगदे,तुलसी दी

माला पावां

माये नीं....

महल ते माड़िया चंगी नईयों लगदी,

मैं वृन्दावन कुटिया बणावां

माये नीं....

सुट ते साड़ीयां चंगी नईयों लगदी,

भगवा वैस बणावां

माये‌ नीं....

टुटी दा पाणीं मैंनूं चंगा नईयों लगदा,

मैं यमुना विच गोते लगावां

माये नीं....

दुनिया दे रिश्ते मैंनूं चंगे नईयों लगदे,

मैं शाम नाल रिश्ता निभावां

माये नीं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।