जगत में होनहार बलवान

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जगत में होनहार बलवान इसे कोई ना समझो झूठी,

इसे कोई ना समझो झूठी......

होनी को परताप कैकई मेहलन में रूठी,

राम गए वनवास अरे हाँ राम गए वनवास,

देह नृप दशरथ की छूटी इसे कोई ना समझो झूठी,

जगत मे होनहार बलवान.......

होनी को परताप एक दिन रावण पर बीती,

दियो विभीषण राज लंकगढ़ सुवरण की फूटी,

इसे कोई ना समझो झूठी,जगत मे होनहार बलवान......

होनी को परताप एक दिन अर्जुन पर बीती,

वही अर्जुन वही बाण,अरे हाँ वही अर्जुन वही बाण,

गोपियाँ भिल्लण ने लूटी,इसे कोई ना समझो झूठी,

जगत मे होनहार बलवान.....

होनी को परताप एक दिननर ऊपर बीती,

‘घासीराम’ चैत मन मूरख चौरासी छूटी,

इसे कोई ना समझो झूठी जगत मे होनहार बलवान....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।