जग वाले सब रिश्ते मतलब से बनाएंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग वाले सव रिश्ते, मतलब से निभाएगे

दिल लगाले सांवरे , ये प्रेम निमाएगे

जग वाले.........

ये रीत है दुनिया की,गिरते को गिराते है

हारो को हराते है, रोतो के रुलाते है

है शाम बस ऐसे, जो तुझको जिताएंगे

दिल लगा ले सांवरे से, ये प्रेम निभाएंगे

जग वाले बस..........

हर भटके राही का, खाटू ही ठिकाना है

इस बात को सन्तो ने, ज्ञानी ने माना है

प्रभु राह से भटको को, मंजिल दिखलाएंगे

दिल लगा ले सांवरे से, ये प्रेम निभाएंगे

जग वाले सब............

तेरी भी राहो के, कांटे वे चुन लेंगे

तू अर्जी लगाकर देख, बाबा तेरी सुन लेंगे

गीतांश तुझे बाबा दिल से अपनाएंगे

दिल लगा ले सावो से चे प्रेम निभाएंगे

जग वाले ............

जग वाले सव रिश्ते मतलव से निभाएंगे

दिल लगाले सांवरे से ये प्रेम निभाएंगे

जगवाले सब रिश्ते मतलव से निभाएंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।