॥ पावन पाठ ॥
तरज़:-मईया बधाई है बधाई है
बोल:-श्री राधा जु के पद कमल,मैं बन्दंऊ बारम्बार
जिनकी कृपा कटाक्ष ते,रिझत नंद कुमार
सब दुआरन को छाडके,अब आयो तिहारे
द्वार
है वृषभानु की लाडली,निक मेरी ओर निहार
काहू के बल भजन है,काहू के आचार
व्यास भरोसे कुवंरी के,सोवत पांव पसार
राधा नाम सुखदाई है,श्यामा नाम सुखदाई है
जिसनें भी महिमा इनकी गायी हे,शाम हुआ
उनका सहाई है
राधा....