देना हो तो दीजिए बस इतना वरदान

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देना हो तो दीजिए बस इतना वरदान

शिवलिंग हो मेरे घर में 2

मैं करता रहु गुणगान

देना हो तो दीजिए।।।।

घिस घिस चंदन इन हाथो से

भोले तिलक लगाऊंगा

सांझ सवेरे भांगिया घोंट के

बाबा तुझे पिलाऊंगा

एक लोटा गंगाजल से 2

मैं कराऊंगा अशनान

देना हो तो दीजिए।।।।।

तू भी फक्कड़ मैभि फक्कड़

खूब जमेगी भोलेनाथ

मैं पकडूंगा पांव तुम्हारे

तू पकड़ना मेरा हाथ

मैं ध्यान धरूंगा तेरा 2

तू रखना मेरा ध्यान

देना हो तो दीजिए।।।।।।

तुमको पाकर मैं समझूंगा

बहुत बड़ा धनवान हु मै

इस दुनिया में बनकर आया

दो दिन का मेहमान हु

हे भोले हम भक्तों का 2

तुम करदेना कल्याण

देना हो तो दीजिए बस इतना वरदान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।