महरो बाबा महने मयान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

महरो बाबा महने मयान बाबुल की जियां पाले सा

आधी राता ने आये सम्बाले सा,

महरो बाबा महने........

जादू टोना काल भी कम्पे माहरे घर के आगे,

म्हारे घर पर मोर छड़ी को हरदम पहरों लागे,

माहरे घर की पीड़ा द्वारे पे उठी उढ़ उढ़ जावे सा.

खुद जादू घर जादू चलावे सा,

लेकर प्रेम की मलहम माहरे गावह पर रगड़न लागे,

माहरो बाबा माहने बहा भर मिश्री सो गुल जावेसा,

हस हस बतलावे माहने खतावे सा,

म्हारे गिरने से भी पहला म्हणे श्याम सम्बाले,

पाबो म्हारे सागे सागे परछाई सो चाले,

महरो बाबा महने दिल की हवेली में राखे सा,

संग सोवे जागे गुमे घुमावे सा,

मेरा बांका बाबो हमारो झुंडी पक और बाटी,

पल पल माहरो ध्यान रखे जो गड्डी गाडी का साथी,

जीवन की गाडी जित्नु की सांवरिया चलावे सा,

ये सारथि म्हणे गहलो दिखावे सा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।