मेहन्दी राचणी सोनी सी मण्डाले मेरी मां टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां बुला ले मेरी मां

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मेहन्दी राचणी सोनी सी,

मण्डाले मेरी मां

टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां

बुला ले मेरी मां -②

टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां

खूब जतन सू घोल के ल्यास्युं -②

लाल सुरंगी हाथा स्थास्यु -②

तेरे दास की या आस पुरा दे मेरी मां

टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां

मेंहदी की नहीं मांगु मण्डाई -②

दे दिज्यो थारे मन की चाही -②

सिर पे प्यार से तू हाथ फिरादे मेरी मां ॥

टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां

हर्ष ज्यु मेंहदी हाथा रचेगी -②

टाबरिये सू मां प्रीत बढ़ेगी -②

तेरे लाल ने चरणा ये बिठाले मेरी मां

टाबरिया ने झुंझुनू बुलाले मेरी मां

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।