अयोध्या वही है ,राम भी वही है !

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अयोध्या में आये राम सपना नहीं है

अयोध्या वही है ,राम भी वही है !

बरसों से बैठे तंबू में राम थे

कोन कौन इनके पीछे हुए बदनाम थे

संतों की मेहनत व्यर्थ नहीं है

अयोध्या वही है ,राम भी वही है

कैकई माँ ने वनवास दिन्हा

दशरथ पिता ने भी था साथ दिन्हा

बाबरी ने भी ना छोड़ी कोई कमी है

अयोध्या वही है राम भी वही है

तुमने यातना कितनी सही थी

बुजुर्गों ने बातें तूम्हारि कही थी

समझ ना सका था बाबर ग़लत क्या सही गई

अयोध्या वही….

दीवाली तो भारत मनाता था कब से

भारत को हिंदू सजाता था कब से

सजा सच में भारत अब अयोध्या सजी है

अयोध्या वही है ,राम भी वही है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।