कर ले नारायण से प्यार, यही दुनिया में सार

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कर ले नारायण से प्यार ।यही दुनिया में सार

ऐसी काया तुझे न मिलेगी बार बार 22

क्या तु वहां से लाया। क्या तु ले जायेगा

सब कुछ बंदा तेरा यहीं रह जायेगा

ये सब धोखे का संसार। इस मे फसंना है बेकार।

ऐसी काया तुझे न मिलेगी बार बार

ना कोई संगी तेरा। ना कोई साथी रे

बुझ जायेगी तेरे जीवन की बाती रे

खुला यम का है दरबार

बैठा चोर खबरदार ऐसी काया तुझे न मिलेगी बार बार

राम सुमर ले सुकृत कर ले।

हरि गुण गा कर जीवन में भज ले

नैया वैतरणी से पार. यही दुनिया में सार।

ऐसी काया तुझे न मिलेगी बार बार

नाम प्रभु का भूला

श्रृषियों के झूले झूला

अब क्यों भटक रहा है

पथ में भूला भूला भक्तों काया को सुधार होगा जीवन का उध्दार

ऐसी काया तुझे न मिलेगी बार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।