निक लागे भोला तोर दुवारी मोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

निक लागे भोला तोर दुवारी मोला ll

ll भर के एक लोटा जल..भर के एक लोटा जल ll

मैं रोज चगाव तोला तोला तोला... निक लागे भोला

1 सावन महीना हे मन भावन, दिन सोमवार हे बड पावन हो..

तोला भाय बडभुत भावन,कावर धर के चले भगत मन हो..

°°°दिही भोला तोला फल ll भर दिही खाली झोला झोला झोला..

कोरस.......निक लागे भोला

2 बेल पान तोला सब चघाये, बिखर फुड़हर फूल हा भाय हो

काचा दूध मा तोला नावहाये नारियर धरके तोला मनाय हो

°°°शिव ल जपले तै पल पल ll तर जाहि तोर चोला चोला चोला..

कोरस... निक लागे भोला

3 भोला सब बर भोला भाला,जेखर महिमा सबले निराला हो

रूप दिखे तोर हे बिकाराला,भक्तन मन बर खुदे शिवाला हो

°°°इंदु के मन हे चंचल ll बम-बम कइथे तोला तोला तोला

कोरस... निक लागे भोला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।