कुण्णा तेरी मुरली ते भला कौन नही नाचदा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नही नाचदा,

धरती चन सितारे नाच्दे सारे भगत प्यारे नाच्दे,

राधा नचदी मीरा नचदी सारा आलम तकदा,

कृष्णा तेरी मुरली ते .....................

धुर दरगहो आई मुरली जद होठा ना लाइ मुरली,

गीत प्रभु दे गई मुरली होका दे गी सच दा,

कृष्णा तेरी मुरली ते .....................

मन मोहन घनश्याम तू है इस्वर अल्लाह राम भी तू है,

उस मालिक दा नाम भी तू है जो सबना विच वसदा,

कृष्ण तेरी मुरली ते..........

राज टांरंगा वाली कहंदी कृष्ण जो तेरा नाम लेनदा,

दुनिया दा हर सुख पा लेनदा काखो बन जे लाख दा,

कृष्णा तेरी मुरली ते .....................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।