आ गया लो मेला मेरे श्याम का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अब न प्यारे वकत है आराम का ,

आ गया लो मेला मेरे श्याम का,

श्याम ध्वजा जो लहराई प्रेमी सारे झूम उठे,

श्याम तरंग एसी छाई की सब खाटू की और चले,

मौसम है ये चंग और धमाल का,

आ गया लो मेला मेरे श्याम का......

ठंडी पवन चली फागन की रुत आई है,

लगदा है बाबुल के घर से चिठ्ठी आई है,

आता है सपना भी अब तो खाटू धाम का,

आ गया लो मेला मेरे श्याम का.....

मेले पर मेरा संवारा जीभर प्रेम लुटा ता है,

लुट लो जितन जी चाहे ये मौका कब आता है,

चड़ने लगा है राज नशा श्याम नाम का,

आ गया लो मेला मेरे श्याम का.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।