सतगुरु जब तेरी याद आती है

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु जब तेरी याद आती है।

दिले धड़कन वहीं रुक जाती है।।

सांसों की माला पै सिमरन होता है।

याद कर कर तुम्हें दिल बड़ा रोता है।।

जिंदगी बसर यूहि होय जाती है -

सतगुरु जब तेरी याद आती है..........

खुश नसीबी यह मानों हमारी है।

दिले आयना में बसी सूरत तुम्हारी है।।

बात तस्वीर से ही हो जाती है

सतगुरु जब तेरी याद आती है........

बोलो हरि जी कब कृपा बरसावोगे।

जाम मस्ती का हमें कब वो पिलाओगे ।।

देखने को आंख यह तरस जाती है-

सतगुरु जब तेरी याद आती है..........

संकीर्तन कानों में अब भी है गूंजता।

नाम रस पीकर 'मधुप' मन झूमता ।।

साज़ों से भी यही आवाज आती है।

सतगुरु जब तेरी याद आती है.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।