नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

------------- भजन के बोल ----------------

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

शुक्र सनीचर ब्रह्मा विष्णु आए साथ में

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

दोहा : मैंने शंकर जी का बड़ा रूप निराला देखा

जटा में गंग , हाथ में भांग , का प्याला देखा

1 ) भोले का श्रृंगार सारे जग से निराला है

गले में नाग नर मुण्डों की भी माला है

नन्दी पे सवार शिव , त्रिशूल हाथ में

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

2 ) भोले जी के गण सारे डमरू बजाएंगे

भूत और प्रेत मिलके नाचे और गाएंगे

देवता भी करे सभी , हसी हसी बात में

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

3 ) ऐसा दूल्हा देख बंद शहर और बाजार हुये

थाली फेक के भागी मैना नैना जब चार हुये

गोरा को ना दूँगी , में ऐसे हालात में

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

दोहा : खेल महादेव जी ने ऐसा फिर रचाया है

उदासी सभी दूर हुई दूल्हा सबको भाया है

4 ) शंकर जी ने अपना प्यारा रूप दिखाया है

मैना और हिमाचल को विश्वास फिर आया है

भूलन त्यागी बैठ गाये , संतों की जमात में

नाचेंगे नाचेंगे सारे भोले की बारात में………..2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।