शिव रटो शिव रटो , शिव रटो रे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शिव रटो शिव रटो, शिव रटो रे

छोड़ दे कपट मन हरी जपो रे

कहां रहे नन्दी बाबा, कहां रहे गणेश-2

कहां रहे भोले बाबा जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो.......

छोड़ के कपट मन हरि जपो रे

जंगल रहे नन्दी बाबा मन्दिर रहे गणेश-2

ऊँचे पर्वत भोले बाबा जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो..........

छोड़ के कपट मन हरी जपो रे

क्या खावे नन्दी बाबा क्या खावे गणेश-2

क्या खावे भोले बाबा जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो.......

छोड़ के कपट मन हरि जपो रे घास खावे नन्दी बावा लड्डू खावे गणेश-2

भांग धतुरा भोले बाबा जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो........

छोड़ के कपट मन हरि जपो रे

क्या देवे नन्दी बाबा क्या देवे गणेश-2

क्यादेवे भोले बाबा जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो ........

छोड़ के कपट मन हरि जपो रे

शक्ति देवे नन्दी बावा भक्ति देवे गणेश-2

मुक्ति देवे भोले जोगी बाला भेष-2

शिव रटो शिव रटो..........…

छोड़ के कपट मन हरि जपो रे-3

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।