नाम रस पीन वालियो

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

अज्ज थोड़ी जेही सानू भी पिला दियो

नाम रस पीन वालियो

नशा नाम दा सानू भी चढा दियो

नाम रस पीन वालियो

नाम दी बुट्टी नू लाई जावो रगड़े

तेर मेर वाले सब मूक जान झगड़े

ऐसा प्रेम दा पाठ पढ़ा देयो

नाम रस पीन वालियो

नाम दीवानियो नाम वंजारियो

मस्त अलबेले संतों भगतो प्यारियो

यार अपने ना सानु भी मिला दियो

नाम रस पीन वालियो

ख़ाली ना रह जावे अज पैमाना कोई

मुड ना जावे प्यासा प्रेम दीवाना कोई

सारा महख़ाना साकी दा लूटा दियो

नाम रस पीन वालियो

आखदा मधुप अज पिनो नहियो हटना

नाम दी मस्ती च झूम झूम नचना

ऐसी नाम खुमारी चढ़ा दियो

नाम रस पीन वालियो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।