आ मन बैठ जरा श्री राम जी के चरणों में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ मन बैठ जरा श्री राम जी के चरणों में

राम जी के चरणों में प्रभु जी के चरणों में

ये जग सपना है, कोई नहीं अपना है

राम जी को अपना बना,

राम जी के चरणों में।

आ मन.....

सुबह ओर श्याम हुई, उमर तमाम हुई

थोड़ा तो समय निकाल,

राम जी के चरणों में

आ मन......

पाप और पुण्य सभी, राम जी को अरपण हैं।

राम जी को दुनिया बना

राम जी के चरणों में

आ मन......

करुणा की एक नजर, हम पर पड आयीं

तेरा उद्धार होगा

राम जी क चरणों में

आ मन......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।