आते है नये दौर पुराने नही आते

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॥ पावन पाठ ॥

जो बीत गया वह पल दुबारा नही आते,

आते है नये दौर पुराने नही आते,

लकड़ी के मकानो मे चिरागे ना चलाया करो,

लग जायेगी गर आग बुझाने नही आते,

आते है नये दौर पुराने नही आते.....

इस पेड़ की छाओ मे बसेरा नही होता है मेरा,

लग जायेगी गर अॉख जगाने नही आते,

आते है नये दौर पुराने नही आते.....

गायक रसीद मयूर (राधे) इटावा राजस्थान

रहीस मयूर इटावा

9785090030,9829962362

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।