गुरुदेव तुम्हारे चरणों में हम शीश झुकाने आए हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव तुम्हारे चरणों में हम शीश झुकाने आए हैं

तर्जः ऐ श्याम तेरे जलवों की कसम

गुरुदेव तुम्हारे चरणों में, हम शीश झुकाने आये हैं उठो संभालो अपनालो, हम विगड़ी बनाने आये हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।