॥ पावन पाठ ॥
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में हम शीश झुकाने आए हैं
तर्जः ऐ श्याम तेरे जलवों की कसम
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में, हम शीश झुकाने आये हैं उठो संभालो अपनालो, हम विगड़ी बनाने आये हैं
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में हम शीश झुकाने आए हैं
तर्जः ऐ श्याम तेरे जलवों की कसम
गुरुदेव तुम्हारे चरणों में, हम शीश झुकाने आये हैं उठो संभालो अपनालो, हम विगड़ी बनाने आये हैं