कृपा करो हम पै श्यामसुंदर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृपा करो हम पै श्यामसुंदर ऐ भक्तवत्सल कहने वाले।

तुम्हीं हो धनुशर चलाने वाले तुम्हीं हो मुरली बजाने वाले॥

तुम्हें पुकारा था द्रौपदी ने बचाया प्रहलाद को तुम्हीं ने॥

तुम्हीं हो खम्भे में आने वाले, तुम्हीं हो साड़ी बढाने वाले॥

तुम्हीं ने ब्रज से प्रलय हटाया, समुद्र में सेतु भी बनाया।

ऐ जल पे पत्थर तैरने वाले, ऐ नख पे गिरवर उठाने वाले॥

इधर सुदामा गरीब ब्राम्हण, उधर दुखी दीन था विभीषण।

उसे भी लंका दिलाने वाले, इसे त्रिलोकी लुटाने वाले॥

ऐ कोशिलासुत यशोदानंदन, अधीन दुःख ‘बिन्दु’ के निकंदन।

छुड़ा दो मेरे भी जग के बंधन, ऐ गज के फंदे छुड़ाने वाले॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।