हमरो दर्शन दे दा गौरा जी के संग भोला जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू लगावा ह भभुति अंग अंग भोला जी

हमरो दर्शन दे दा गौरा जी के संग भोला जी

दुनिया हे मतलब के, मतलब के सब यार हे

स्वार्थ में साधुओं के बदल गेल विचार हे

येहि से हो गेल हे दुनिया से मोह भंग भोला जी

हमरो दर्शन दे दा गौरा जी के संग भोला जी

भूली गेल हे पूजा पाठ, चढ़ाबे बेल पतरी

भजन भी करेले भुलल, घरवा के भीतरी

नाम लेके पीय हे खाली गांजा भंग भोला जी

हमरो दर्शन दे दा गौरा जी के संग भोला जी

गायक व गीतकार:-

महेश कुमार मोनू

मो: 9264206929

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।