गुरुपुनया का आया त्योहार, आवो गुरुपूजा करें

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गुरू पुनया का आया त्योहार,आवो गुरुपूजा करें।

धुनः नी मैं नचना मोहन दे नाल

गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरुपूजा करें।

बड़ा सुन्दर है सतगुरु दीदार, गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरु-पूजा करें.

ब्रमदेव विष्णु शिव-शंकर।

इनका की स्वरूप है सतगुरु ।।

करें उत्पति पालन संहार, गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरु-पूजा करें…..

गुरु-पूजा की प्रथा पुरानी ।

वेद व्यास करें अगुआनी ।।

गुरू हरले सब अन्धकार,गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरु-पूजा करें……

जय गुरुदेव…..

राम कृष्ण यही चरण पखारे।

संत भक्त पूजित गुरु सारे ।। गुरू-पूजा करे सुंसार,गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरु-पूजा करें……

कहै 'मधुप'गुरु-पूजा करलौ। भगती-ज्ञान से झोली भरलौ ।।

बोलो सतगुरु की जयकार,गुरुपुनया का आया त्योहार,

आवो गुरु-पूजा करें…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।