कलयुग का है अवतारी ,बाबा मेरा श्याम बिहारी,,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग का है अवतारी ,बाबा मेरा श्याम बिहारी,,

हाथों में मोरछड़ी है ,करता लीले की सवारी ,

जो भी है शरण मे आता, दुखडे सब दूर भगाता,

हारे का साथ निभाता ,महिमा है भारी ।

1 खाटू में है धाम बनाया ,जो भी शरण में आता,

बाबा सबका काम बनाता ,

जग से जो ठुकराए जाते ,काम वो जग के आते ,

ऐसे चमत्कार दिखलाता ,

सेठ जग मे बड़े ,इसके दर पे खड़े ,

सेठों का सेठ कहाता, ये लखदातारी।

2 जिनका ये बन जाए माझी ,नाव कभी ना डोले,

बाबा खुद ही पार लगाए ,

हाथ थाम लेता है जिनका ,साथ कभी ना छोड़े,

जो भी दिल से इनको मनाये ,

कृपा ऐसी करें ,वो कभी ना डरे ,

हरपल ये बाबा मेरा करता रखवारी।

3 अश्विन तेरी शरण में आया ,इतनी कृपा बस करना ,

बाबा दूर ना खुद से करना ,

इस जीवन की आस यही है ,चरणों मे तेरे रहना ,

तेरे नाम से जीना मरना ,

दर पे आता रहूं ,गुण मैं गाता रहूं ,

सुन ले साँवरिया मेरी जाऊं बलिहारी.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।