॥ पावन पाठ ॥
तर्ज :- मेरे उठे विरहा की पीर
खुशियाँ छाई है अवध मैं खुशियाँ छाई है
भगवे ने किया कमाल अवध मैं खुशियाँ छाई है
तर्ज :- मेरे उठे विरहा की पीर
खुशियाँ छाई है अवध मैं खुशियाँ छाई है
भगवे ने किया कमाल अवध मैं खुशियाँ छाई है