श्री रघुवीर जी के अवधपुरी में प्राण प्रतिष्ठा होना है

पारंपरिक
हनुमान जी मंत्र राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्री रघुवीर जी के अवधपुरी में , प्राण प्रतिष्ठा होना है

निमंत्रण को स्वीकार करो , अब सबको अयोध्या चलना है ,

जय बजरंगी जय हनुमान , वंदे मातरम् जय श्री राम

श्री राम जय राम जय जय राम , वंदे मातरम् जय श्री राम

१. इस मंदिर को पाने हेतु , बार बार संघर्ष हुआ

रामभक्तो के बलिदानों से , मंदिर बनकर खड़ा हुआ

अब मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा –2 , धूम धाम से होना है

निमंत्रण को स्वीकार करो.........

२. पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी को , प्राण प्रतिष्ठा होना है

मन्दिर में भजन कीर्तन हो , घर घर दिया जलाना है

मन्दिर भव्य बनाकर हमने –2 अपना वचन निभाया है

निमंत्रण को स्वीकार करो.........

३. गांव गांव के मंदिर मठ में , सबको एकत्रित करना है

श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा , जन जन को दिखलाना है

श्री राम की प्रथम आरती –2 मिलकर सबको गाना है

निमंत्रण को स्वीकार करो........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।